पिछोर विधायक के पूर्व पीए ने गांव के सरपंच और पटवारी पर लगाए षड़यंत्र पूर्वक एफआईआर कराने के आरोप, एफआईआर निरस्त की मांग।

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पिछोर विधायक के पूर्व पीए ने गांव के सरपंच और पटवारी पर लगाए षड़यंत्र पूर्वक एफआईआर कराने के आरोप, एफआईआर निरस्त की मांग।

शिवपुरी। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा 1 जुलाई को अपने निज सहायक महेश लोधी को हटाने के ठीक अगले दिन, 2 जुलाई को उसके पिता वीरसिंह लोधी पर मायापुर थाने में फर्जी नामांतरण का मामला दर्ज हुआ । आरोप था कि वीरसिंह लोधी के नाम आदिवासी परिवार की जमीन बिना वैध आदेश के रिकॉर्ड में दर्ज कर दी गई थी। मामले की तहसीलदार जांच में खुलासा हुआ कि खनियाधाना तहसील के ग्राम लोहरछा में सर्वे नंबर 12 (4.45 हेक्टेयर) और सर्वे नंबर 15 (0.23 हेक्टेयर) की जमीन मूल रूप से आदिवासी सहखातेदार जिहान, रज्जू और मोतीलाल के नाम दर्ज थी, जो वर्ष 2024-25 के रिकार्ड में स्पष्ट है। मामले को लेकर पिछोर विधायक के पूर्व पीए महेश लोधी ने बाघरी गांव के सरपंच और पटवारी पर षड्यंत्र पूर्व एफआईआर कराने के आरोप लगाए हैं और एफआईआर निरस्त करने की मांग एसपी को आवेदन सौंपकर की हैं।

महेश लोधी के अनुसार उनके गांव बाघरी के सरपंच गिर्राज गुर्जर ने पटवारी की मिली भगत से 60 बीघा शासकीय भूमि को अपने नाम कर लिया था. जिसकी सूचना लिखित में तहसील कार्यालय में दी गई थी इसी के षड़यंत्रपूर्वक सरपंच गिर्राज गुर्जर ने पटवारी की मिली भगत से एक बीघा 3 बिस्वा जमीन दादा वीर सिंह लोधी के नाम कर दी। जिसकी हमें कोई भी जानकारी नहीं हैं और इसी को आधार बनाकर उन्होंने गांव के आदिवासियों से कलेक्टर को आवेदन दिलवाया जिसमें वह भी साफ नजर आ रहे हैं। इसी के चलते षडयंत्र पूर्वक एफआईआर कराई गई. जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग और एफआईआर निरस्त की मांग की हैं।

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