कृष्णगंज करैरा के बच्चों ने बनाया अपनी हाइट से 3 गुना बड़ा रावण, अन्दर की बुराइयों को जलाने का लिया प्रण।
करैरा। विजयदशमी का पर्व इस बार कृष्णगंज क्षेत्र में बच्चों के लिए यादगार बन गया। यहाँ के बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन से एक खास रावण का पुतला तैयार किया, जो उनकी ऊँचाई से करीब 3 गुना बड़ा था। इस पुतले को तैयार करने में बच्चों ने बांस, कागज और रंगीन कपड़े का उपयोग किया। सबसे खास बात यह रही कि पुतला तैयार करने में न तो किसी बड़े की सहायता ली गई और न ही अधिक खर्च किया गया। बच्चों ने आपसी सहयोग और टीमवर्क से रावण का विशालकाय पुतला बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
विजयदशमी के दिन शाम होते ही पुतले को सड़क के बीचों बीच खड़ा किया गया। मोहल्ले के लोग, महिलाएँ और बच्चे इस खास रावण को देखने पहुँचे। सभी ने बच्चों की कलाकारी की सराहना की। जब पुतले में आग लगाई गई तो पूरा वातावरण जय श्रीराम और बुराई पर अच्छाई की जीत के नारों से गूँज उठा।
इस अवसर पर बच्चों ने प्रण भी लिया कि वे सिर्फ रावण का पुतला नहीं जलाएँगे, बल्कि अपने अंदर छिपी बुराइयों को भी खत्म करेंगे। किसी ने गुस्सा छोड़ने का संकल्प लिया, तो किसी ने आलस्य और झूठ जैसी आदतों को दूर करने का निश्चय किया। बच्चों का कहना था कि असली विजयदशमी तभी होगी जब हम अपने जीवन की नकारात्मक सोच और गलत आदतों को हमेशा के लिए मिटा दें।
मोहल्ले के बुजुर्गों ने बच्चों की सोच और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों का इस तरह सामाजिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ना समाज के लिए शुभ संकेत है।
कृष्णगंज करैरा का यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सभी के लिए एक सीख भी छोड़ गया कि असली बुराई हमारे अंदर है और विजयदशमी का पर्व हमें ये हर साल याद दिलाता है। इस कार्यक्रम में मुख्य भूमिका प्रांजल तिवारी, मोक्ष, हिमांशु, सौरभ, गौरव, राघव, राम, विनायक, सोनू, सिद्ध, दक्ष, वंशु, ऋतिक, ध्रुव, मिलन, विकाश, सोम की रही।
