शिवपुरी में भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया; यम और यमुना के स्नेह का उत्सव।

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भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया; यम और यमुना के स्नेह का उत्सव।

शिवपुरी। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक पर्व भाई दूज (यम द्वितीया) गुरुवार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि पर, देशभर में पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस त्योहार के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का भी औपचारिक रूप से समापन हो गया।

​सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल दिखा। बहनों ने शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और मंगल जीवन की कामना की।


प्रमुख आकर्षण और रस्में:

​शुभ मुहूर्त में तिलक: पंचांग के अनुसार, आज तिलक का सबसे शुभ समय अपराह्न (दोपहर) 1:13 बजे से 3:28 बजे तक रहा। इस दौरान बहनें रोली, चावल, मिठाई और नारियल से सजी पूजा की थाली लेकर भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारी।

​पारंपरिक पकवान और भोजन: कई घरों में बहनों ने भाइयों के लिए उनकी पसंद के विशेष व्यंजन तैयार किए और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया, जो इस पर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

​उपहारों का आदान-प्रदान: बहनों के आशीर्वाद और कामना के बदले भाइयों ने उन्हें उपहार और आजीवन उनकी रक्षा का वचन दिया।

​पौराणिक महत्व: इस दिन को यम और उनकी बहन यमुना के स्नेह से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था कि इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर तिलक करवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा।

​जेलों में विशेष व्यवस्था: विभिन्न राज्यों की जेलों में भी इस त्योहार को खास तरीके से मनाया गया। जेल प्रशासन ने कैदी भाइयों से उनकी बहनों की मुलाकात के लिए विशेष प्रबंध किए, जहां भावुक माहौल में बहनों ने भाइयों को तिलक लगाया।



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