स्वयं की पहचान मिटाने पर ही भगवान मिलते हैं - पं.वासुदेव नंदिनी भार्गव
शिवपुरी. ऋषि गार्डन फिजिकल रोड शिवपुरी पर चल रही श्री मद भागवत कथा में पंचम दिवस की कथा में कथा ब्यास पंडित बासुदेवनंदिनी भार्गव द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव एवं बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर भी गोपियों की भीड़ में मिलकर ही दर्शन करने पंहुचे, जिससे कोई पहचान न ले। कन्हैया के दर्शन करने के लिये शंकर जी ने भी अपनी पहचान मिटाई।
भगवान ने जनम गोकुल में लिया किन्तु रहे वृंदावन में, जहां भगवान हैं वहीं वृन्दावन हैं, यदि आपके हृदय में भगवान हैं तो आपका निवास ही वृंदावन है। वृंदा नाम तुलसी का है यदि आपके घर में तुलसी जी प्रसन्न हैं तो भगवान प्रसन्न हैं ।
कल कथा में बड़ी धूमधाम से रुक्मिणीमंगल का उत्सव मनाया जाएगा यह कथा क्षत्रिय समाज प्रदेश अधयक्ष रघुराज सिंह वैश द्वारा आयोजित की जा रही है
सभी शिवपुरी नगरवासियों से निवेदन है कि कथा में पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करे ।



