शिवपुरी : साप्ताहिक जैविक एवं प्राकृतिक हाट का शुभारंभ 14 दिसंबर को

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 साप्ताहिक जैविक एवं प्राकृतिक हाट का शुभारंभ 14 दिसंबर को

शिवपुरी: जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग शिवपुरी द्वारा 14 दिसंबर से प्रत्येक रविवार साप्ताहिक "जैविक एवं प्राकृतिक हाट" का शुभारंभ जिले में पुरानी कृषि अनाज मंडी में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के पास किया जा रहा है। यह पहल कलेक्टर रवीन्‍द्र कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के सहयोग से प्रारंभ की जा रही है।

कलेक्टर रवीन्‍द्र कुमार चौधरी ने कहा कि यह जैविक हाट किसानों की आय बढ़ाने और आम नागरिकों को स्वस्थ भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक अभिनव पहल है। प्रशासन का प्रयास है कि शिवपुरी को प्राकृतिक एवं जैविक कृषि के क्षेत्र में एक आदर्श जिला के रूप में विकसित किया जाए।

यह जैविक हाट किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा, जिससे किसानों को उनकी जैविक एवं प्राकृतिक उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा तथा शहरवासियों को शुद्ध, ताजे एवं रसायन-मुक्त जैविक उत्पाद सुलभ हो सकेंगे।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

जैविक हाट के माध्यम से शिवपुरी जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसान अपनी उपज जैसे- जैविक सब्जियां, दालें, अनाज, फल, देशी खाद्य उत्पाद, सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय कर सकेंगे। इससे किसानों अपने जैविक उत्पादित उत्पाद के सुलभ विक्रय का स्थान अपने जिले में निश्चित होगा साथ ही किसानों की आय में वृद्धि होगी।

स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल आमजन को रसायन-मुक्त, सुरक्षित एवं पोषण युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को भी स्थायी बढ़ावा मिलेगा।

कृषि विभाग की सक्रिय भूमिका

कृषि विभाग द्वारा चयनित प्राकृतिक /जैविक किसानों को इस हाट में शामिल किया जाएगा। विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादन' गुणवत्ता नियंत्रण एवं विपणन से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

रविवार को होगा आयोजन

साप्ताहिक जैविक हाट का आयोजन प्रत्येक रविवार को निर्धारित स्थल पर किया जाएगा, जिसमें जिले के विभिन्न विकास खंडों से प्राकृतिक एवं जैविक विधि से उत्पादन करने वाले किसान भाग लेंगे। आने वाले समय में इस हाट को एक स्थायी और व्यापक स्वरूप देने की भी योजना है।

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