मेला में टैक्स छूट अविलंब घोषित हो, प्राधिकरण बोर्ड भी बने तत्काल...।
मेला व्यापारी संघ ने प्रभारी मंत्री श्री सिलावट से भेंटकर दिए उपयोगी सुझाव, व्यापारियों की ओर से हरसंभव सहयोग का किया वादा।
ग्वालियर: श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल एवं संयुक्त अध्यक्ष, प्रवक्ता अनिल पुनियानी । भारतीय जनता पार्टी के आशीष प्रताप सिंह राठौड़कार्य । के नेतृत्व में जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट से मुरार वीवीआईपी सर्किट हाउस में भेंटकर उन्हें ज्ञापन पत्र भेंट किया और मांग की कि ग्वालियर मेला के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए टैक्स छूट की अधिसूचना तत्काल जारी की जाए एवं मेला प्राधिकरण बोर्ड का अविलंब गठन किया जाए ताकि ग्वालियर व्यापार मेला में दुकानदार बंधु निश्चिंत भाव से उत्साह के साथ अपनी दुकानों, शोरूमों की तैयारियों को गति दे सकें और वर्ष 2025-26 का मेला आयोजन सुचारु रूप से अपनी एक सदी की गरिमा के साथ आयोजित हो सके।
प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट से मुलाकात कर मेला व्यापारियों द्वारा ज्ञापन पत्र भेंट करते समय भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल में महेन्द्र भदकारिया, महेश मुदगल एवं अनिल पुनियानी सहित उमेश उप्पल संयोजक, जगदीश उपाध्याय सह अध्यक्ष, अनुज गुर्जर कार्य. अध्यक्ष, चंदन सिंह बैंस, सुरेश हिरयानी, विजय कब्जू आदि पदाधिकारी एवं व्यापारीगण शामिल थे।
मेला व्यापारियों के इस शिष्टमंडल ने प्रभारी मंत्री श्री सिलावट से अनुरोध किया कि विगत वर्षों का यह प्रतिकूल अनुभव रहा है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में टैक्स छूट की अधिसूचना में विलंब होने से मेला की तैयारियां बाधित एवं विलंबित होती हैं, ऑटोमोबाइल कारोबारी असमंजश में रहते हैं। कई बार तो यह हुआ है कि मेला प्रारंभ होने के कई दिनों बाद 15 जनवरी तक टैक्स छूट की घोषणा हुई है, इस तरह की त्रुटि इस बार न बरती जाए। प्राथमिकता यह रहे कि मेला की शुभारंभ तिथि 25 दिसंबर तक टैक्स छूट सहित अन्य सभी औपचारिकताएं एवं तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। विगत छह साल से मेला प्राधिकरण का गठन भी नहीं हुआ है, अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र एवं निर्णय सीमा भोपाल के निर्देश से बंधी होती हैं, इसीलिए मेला प्राधिकरण बोर्ड का गठन कर इसे स्वायत्तशासी संस्था बनाया गया था, व्यापारियों की समस्याओं पर त्वरित निर्णय लेकर समाधान करने के लिए मेला प्राधिकरण में राजनीतिक नेतृत्व होना जरूरी है, इसलिए मेला प्राधिकरण बोर्ड का शीघ्रता से गठन किया जाए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संस्कृति विभाग अपने कैलेंडर में करे शामिल
ज्ञापन पत्र में यह भी कहा गया है कि मेला की तैयारियों पर होने वाले भारी व्यय की तुलना में मेला प्राधिकरण की आय के स्रोत सीमित हैं इसलिए ग्वालियर मेला के लिए राज्य शासन विशेष पैकेज स्वीकृत करे। यह भी मांग की गई कि मेला में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को मप्र शासन के संस्कृति विभाग के वार्षिक सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल किया जाए और इसकी फंडिंग राज्य शासन का संस्कृति विभाग ही करे ताकि मेला प्राधिकरण का आर्थिक बोझ कम होकर सांस्कृतिक गतिविधियों में स्तरीय कलाकारों को आमंत्रित किया जा सके।
मेला को और अधिक भव्य स्वरूप देने सीएम, सिंधिया और राज्य शासन गंभीर : श्री सिलावट
जिले के प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने मेला व्यापारियों के ज्ञापन में दिए सुझावों को काफी गंभीरता से सुना एवं तदनुसार राज्य शासन की ओर से कदम उठाने के लिए आश्वस्त किया। श्री सिलावट ने कहा कि महान सिंधिया शासकों द्वारा स्थापित सवासौ वर्ष पुरानी ऐतिहासिक गौरवशाली विरासत ग्वालियर व्यापार मेला की गरिमा, वैभव एवं शानदार परंपराओं को बनाए रखने के लिए मप्र सरकार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया अत्यंत गंभीर हैं। मेला प्राधिकरण को भी पूरी गंभीरता से प्रयास करने होंगे। मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया ने समस्त मेला व्यापारियों की ओर से आश्वस्त किया कि मेला की गरिमा, प्रगति एवं भव्यता से जुड़े प्रत्येक बिन्दु पर सहयोग करने के लिए सभी मेला व्यापारी सदैव तत्पर हैं।
प्रेषक
महेन्द्र भदकारिया
अध्यक्ष, श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ, ग्वालियर।
