शिवपुरी ट्रेजरी में सुविधा शुल्क न मिलने पर एक ही बिल् को चार चार बार रिजेक्ट कर रहे हैं ट्रेजरी ऑफिसर।
किसके दम पर भ्रष्टाचार हो रहा है शिवपुरी ट्रेजरी में।
शिवपुरी ट्रेजरी इस समय भ्रष्टाचार का अड्डा बन हुआ है।
बिना सुविधा शुल्क बिना बिल पास नहीं होता है शिवपुरी ट्रेजरी में।
प्रेस को जरि विज्ञप्ति में मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला संयोजक राजेंद्र पिपलोदा ने बताया कि इस समय शिवपुरी ट्रेजरी भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। बिना लेनदेन के कोई काम इस कार्यालय में नहीं हो रहा है जिसका उदाहरणपोहरी ब्लॉक के शिक्षक उमार चरण शिवहरे का कमोन्नति का एरियर का बिल करीब तीन माह से पोहरी से शिवपुरी ट्रेजरी और शिवपुरी से पोहरी BEOकार्यालय में घूम रहा है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पोहरी द्वारा उमाचरण शिवहरे का कमोन्नति का ऐरियर का बिल प्रथम बार बनाकर 15 सितंबर 2025 को ट्रेजरी शिवपुरी भेजा गया। ट्रेजरी अधिकारियों ने आक्षेप लगाकर विकासखंड शिक्षा कार्यालय पोहरी को वापिस भेज दिया। फिर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने उस आक्षेप को ठीक कर 29सितंबर २०२5 को फिर से शिवपुरी ट्रेजरी कार्यालय भेजा फिर ट्रेजरी के अधिकारियों ने फिर आक्षेप लगा कर फिर वापस कर दिया।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राम प्रकाश जाटव पोहरी ने ट्रेजरी शिवपुरी कार्यालय के लिए फिर तीसरी बार सुधार करके ट्रेजरी शिवपुरी के लिए 16अक्टूबर को बिल बनाकर भेजा तीसरी बार शिवपुरी ट्रेजरी के लिए।
ट्रेजरी अधिकारियों ने फिर से तीसरी बार रिजेक्ट कर दिया। शिक्षक उमा चरण श्रीवास्तव के एरियर का बिल और वापस ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पोहरी को भेजा गया तब खुद उमा चरण श्रीवास्तव शिवपुरी ट्रेजरी में लोकेश दुबे तथा अधिकारियों से मिले तो अधिकारियों का कहना था कि यहां टेबल पर से बिल उड़ जाते हैं बिल को दबाने के लिए कुछ चाहिए और उमा चरण श्रीवास्तव से ट्रेजरी में सुविधा शुल्क मांग की गई और कहा की दोबारा बिलों को ठीक कर ट्रेजरी भिजवाओ और बिल को पास करवा देंगे। शिक्षक उमा चरण श्रीवास्तव का फिर कमोन्नति का एरियर बनबाकर चौथी बार दिनांक30 अक्टूबर 2025 को पोहरी कार्यालय ने चौथी बार बिल को ट्रेजरी ऑफिस को भिजवाया जब शिक्षक ट्रेजरी में दुवे एवं अधिकारियों से मिलने नहीं पहुंचा तो ट्रेजरी के अधिकारियों ने चौथी बार बिल को रिजक्ट और आक्षेप लगाकर चौथी बार पोहरी ब्लाक शिक्षा कार्यालय को 4 नवम्बर 2025 भेज दिया गया और शिक्षक का एरियर नहीं निकला।
यह आलम है शिवपुरी ट्रेजरी का जो भ्रष्टाचार का अड्डा बनी हुई है सबसे बड़ी परेशानी है यह है कि ट्रेजरी वाले जब बिल पर आक्षेप लगा कर वापिस भेजते है तब उसमें गलती नही बताते जिससे उसमें सुधार किया जा सके। वापस भेजते हैं तो कारण नहीं बताते है कि उस गलती को ठीक किया जा सके ऐसे कई हजारों प्रकरण है बिल है शिवपुरी ट्रेजरी में। सुविधा शुल्क के अभाव में आक्षेप लगाकर वापस भेजे जा रहे हैं। भ्रष्टाचार का इतना बोल बाला शिवपुरी ट्रेजरी में है कि कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसे कई प्रकरण मात्र पोहरी से हैं। कुसुम सकवार का इसी तरह एवं नीलम शिवहरे कमोन्नति का एरियर माहमार्च 2025 से बार-बार बिल बनाकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने शिवपुरी ट्रेजरी भेजे।
मेरे हस्तक्षेप करने पर 7 माह बाद सितंबर 2025 में भुगतान कर पाए और ट्रेजरी ऑफिस की बारीकी से जांच की जाए तो कई खुलासे सामने आएंगे। पूरा जिला ट्रेजरी कर्मचारियों अधिकारियों से त्रस्त है। तीन तीन चार चार बार बिलों को वापस करके जब कहीं पर भुगतान कर पाते हैं
मध्य राज्य कर्मचारी संघ 25 नवंबर 2025 के बाद शिवपुरी कलेक्टर को ज्ञापन देगा तथा .ट्रेजरी के भ्रष्टाचार को लेकर क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं प्रभारि मंत्री से भी एक प्रतिनिधि मंडल भेंट कर ट्रेजरी के कार्य कलापों से अवगत कराया जावेगा। वर्षों से जमे शिवपुरी ट्रेजरी में कर्मचारियों को, हटाने की मांग भी की जाएगी जो भ्रष्टाचार में संलग्न है। शिवपुरी जिले के संवेदनशील जिला कलेक्टर रविन्द्र चौधरी से कार्यवाही की मांग मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने की है। मांग करने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती हरभजन कौर सह संयोजक अरविंद सरैया राजकुमार सरैया अनुज गुप्ता राजीव पुरोहित इंद्रजीत धाकड़ अशोक वर्मा अजय बाथम अनिल खटीक गजेंद्र यादव बृजेंद्र कुल्लू भार्गव रितु श्रीवास्तव ने कार्रवाई की मांग की है
