शिवपुरी के भटनावर गांव में भागवत कथा के चौथे दिन कथा पंडाल में धूमधाम से मनाया भगवान राम व श्री कृष्ण का जन्मोत्सव।

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भागवत कथा के चौथे दिन कथा पंडाल में धूमधाम से मनाया भगवान राम व श्री कृष्ण का जन्मोत्सव।

शिवपुरी। भटनावर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथें दिन कथा वाचक पंडित विक्रम महाराज ने श्रद्धालुओं को ईश्वर भक्ति का महत्व बताया उन्होंने भक्ति प्रहलाद और धर्म की प्रेरणादायक कथाएं सुनाएं जिस संघर्ष आस्था और भक्ति की गहराई झलकती है कथा वाचक ने कहा कि भक्ति मार्ग पर चलना जितना सरल दिखता है उतना ही नहीं, केवल वही इस मार्ग पर टिक पाता है जिसमें सच्ची श्रद्धा और धैर्य होता है उन्होंने भक्त भक्त प्रहलाद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पहाड़ की गिराया गया समुद्र में फेंका गया विश्व दिया गया और काल कोठरी में बंद किया गया लेकिन उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आई इसलिए भगवान ने नरसिंह अवतार लेकर अपने भक्त की रक्षा की उन्होंने बताया कि प्रहलाद को कम समय में ही ब्रह्म ज्ञान प्राप्त हो गया था, जैसे अभिमन्यु ने चक्रव्यूह वेधन की विद्या मां के गर्भ में ही सीखी वैसी ही प्रहलाद भी अपनी माता के माध्यम से संस्कारवान बने ।




  जब जब भी धरती पर आसुरीं शक्ति हावी हुई परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुणा पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रूप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। यह वात भटनावर में चल रही वात सात दिवसीय श्रीमद् भागवत के चोथें दिन भगवान श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए पंडित विक्रम महाराज ने श्रद्धालुओं के बीच का कहीं ।कथा श्री बाबाजी वाले बगीचा में हनुमान मंदिर के परिषर में जोशी परिवार द्वारा आयोजित की जा रही है। 

       भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए पंडित विक्रम महाराज ने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है जब भी हमें यह शुभ अवसर मिले इसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनते हुई उसी के अनुसार कार्य करें। कथा का सुनना तभी सार्थक होगा जब उसके बताए हुई मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करें।

    उन्होंने राम कथा का संक्षिप्त में वर्णन करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने धरती को राक्षसों से मुक्त करने के लिए अवतार धारण किया। कथा में कृष्ण जन्म का वर्णन होने पर समूचा पाण्डाल खुशी से झूम उठा । मौजूदा श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के जय जयकार के साथ झूमकर कृष्ण जन्म की खुशियां मनाई। 

    आचार्य विक्रम महाराज ने कहा की एक दृश्य से हमारा पूरा आचरण बदल सकता हैं , इसलिए आंख और कान सभी पर नियंत्रण होना भी जरूरी है नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका है कि भागवत, भजन, जो जीव भागवत, भजन, करेगा जो भगवान के नाम में विश्वास रखता है वो आसानी से भवसागर से तय जाता है। भगवान पर जितना विश्वास करोगे उतना ही अच्छा है।

     कथा के दौरान पंडित विक्रम महाराज ने कहा कि सदा अपने नेत्र श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते है, देखते हैं ठीक वैसा ही आचरण करते है, ये आपके ऊपर निर्भर करता है आप क्या देख रहे है क्या सुन रहे है ,देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। आज अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन जिला शिवपुरी के पदाधिकारी ने कथा वाचक आचार्य विक्रम महाराज का ब्रह्म रतन के रूप में सम्मान करते हुए श्रीफल शाॉल एवं 21 किलो फूलों की बड़ी पुष्प माला एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया ।कथा सुनने शिवपुरी व नगर सहित आसपास गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे है।

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