शिवपुरी के ठकुरपुरा में पसरा मातम, रामेश्वरम यात्रा जा रहें श्रद्धालुओं की कार तमिलनाडु में हुई दुर्घटनाग्रस्त।
डंपर से टक्कर, शिवपुरी के श्रद्धालु शिवचरण पाल की तमिलनाडु में मौत।
शिवपुरी: धर्म और आस्था की नगरी शिवपुरी के ठकुरपुरा क्षेत्र में उस समय मातम पसर गया, जब गंगोत्री का जल लेकर रामेश्वरम जा रहे श्रद्धालुओं की कार तमिलनाडु में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में एक श्रद्धालु शिवचरण पाल की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन की तत्परता से 46 घंटे के लंबे सफर के बाद मृतक का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
गंतव्य से महज 50 किमी पहले हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, ठकुरपुरा (वार्ड क्रमांक-1) से 8 जनवरी को श्रद्धालुओं का एक दल अर्टिगा कार द्वारा रामेश्वरम के लिए रवाना हुआ था। 11 जनवरी (रविवार) को जब कार रामेश्वरम से मात्र 50 किमी दूर रामनाथपुरम पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक डंपर से उसकी भिड़ंत हो गई।
जानकारी के अनुसार कार में सवार अन्य लोग सुरक्षित रहे, लेकिन ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठे शिवचरण पाल (पुत्र मलथु पाल) का सिर सीधे डंपर से टकरा गया, जिससे उनकी मौके पर ही सांसें थम गईं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश और कलेक्टरों का समन्वय
हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 2500 किमी दूर से शव लाना एक बड़ी चुनौती थी।
पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही पार्षद अमरदीप शर्मा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से संपर्क किया ज्योतिरादिय सिंधिया ने शिवपुरी कलेक्टर को समन्वय के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी और अपर कलेक्टर दिनेश चन्द्र शुक्ला ने रामनाथपुरम (तमिलनाडु) के कलेक्टर तिरु. सिमरनजीत सिंह काहलों से संपर्क किया।
इस घटना में तमिलनाडु प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल मेडिकल कॉलेज में पीएम करवाया, पुलिस कार्रवाई पूरी की और आर्थिक सहायता प्रदान कर शव को शिवपुरी के लिए रवाना किया।
46 घंटे बाद पहुंचा शव, अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़
हादसे के करीब 46 घंटे बाद, बुधवार को शिवचरण पाल का शव उनके निवास स्थान ठकुरपुरा पहुंचा। जैसे ही एम्बुलेंस मोहल्ले में घुसी, हर आंख नम हो गई। इसके बाद ठकुरपुरा मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक सप्ताह पहले जो श्रद्धालु हंसी-खुशी तीर्थ यात्रा पर निकले थे, उनकी वापसी इस रूप में होगी, यह सोचकर पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।


