कमलेश्वर भारत केसरी दंगल में देशभर के पहलवानों का दमखम, इंदौर के राम यादव बने कमलेश्वर बुंदेलखंड केसरी।
पिछोर।स्वर्गीय ठाकुर धीरज सिंह की पुण्य स्मृति में आयोजित कमलेश्वर अखिल भारतीय बुंदेलखंड केसरी कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य समापन कमलेश्वर मेला प्रांगण में रोमांचक मुकाबलों के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों सहित मध्य प्रदेश के प्रमुख अखाड़ों से आए नामचीन पहलवानों ने अपने दमखम का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम समिति के सदस्य साकेत पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि 86 किलोग्राम ओपन वर्ग के फाइनल दंगल में इंदौर के राम यादव ने शानदार कुश्ती का प्रदर्शन करते हुए ग्वालियर के फराज़ हुसैन को पराजित कर कमलेश्वर बुंदेलखंड केसरी का खिताब अपने नाम किया। इस वर्ग में फराज़ हुसैन (ग्वालियर) द्वितीय, सतेन्द्र (बबीना) तृतीय तथा सैतान (ग्वालियर) चतुर्थ स्थान पर रहे।
कमलेश्वर बुंदेलखंड कुमार (74 किग्रा) वर्ग में सतेन्द्र (बबीना) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सौरभ (दमोह) द्वितीय, राजदीप (बबीना) तृतीय एवं जयभगवान (धुआई) चतुर्थ स्थान पर रहे।
अन्य वर्गों के परिणाम इस प्रकार रहे—
65 किग्रा: रामानुज (मुरैना) प्रथम, हरपाल (मुरैना) द्वितीय, रानू यादव (भिंड) तृतीय, छोटू राजा (करारखेड़ा) चतुर्थ
61 किग्रा: गगन (सागर) प्रथम, शैलेन्द्र सिंह (दतिया) द्वितीय, राज (बबीना) तृतीय, शैलाब सिंह (दतिया) चतुर्थ
57 किग्रा: शिवम (ग्वालियर) प्रथम, किस्सू (ग्वालियर) द्वितीय, अजय प्रताप (दतिया) तृतीय, अजय जाटव (दतिया) चतुर्थ
प्रतियोगिता में अर्जुन खांडेल (इंदौर) ने रेफरी की भूमिका निभाई, जबकि आनंदम सहयोगी अवध प्रताप सिंह चौहान टाइम कीपर रहे। व्यवस्थाओं का दायित्व राजाजी चौहान, मनु राजा, रवि राजा चौहान, साकेत पुरोहित, महेंद्र चौहान, सतीश महाराज, शिवप्रताप सिंह चौहान एवं बल्ली लोधी ने कुशलतापूर्वक संभाला।
दंगल में पधारे अतिथियों द्वारा विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को नगद पुरस्कार एवं मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रमुख अतिथियों में ब्रजेश सिंह तोमर (वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी), अमोल लोधी (ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष), महेंद्र लोधी (जिला पंचायत सदस्य), अरविंद लोधी (जनपद पंचायत अध्यक्ष, खनियांधाना), कविता विकास पाठक (नगर पंचायत अध्यक्ष, पिछोर), सतेन्द्र साहू (नगर पंचायत अध्यक्ष, खनियांधाना), अनिल गुप्ता, परमाल यादव, चन्द्रशेखर जाटव, ऊषा लोधी, शंकर कुशवाहा, राजकुमार पाल एवं रूपा यादव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संरक्षक के.पी. सिंह काक्काजू, पूर्व मंत्री एवं विधायक पिछोर रहे।
यह आयोजन न केवल पारंपरिक भारतीय कुश्ती संस्कृति को नई ऊर्जा देने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि खेल प्रेमियों के लिए भी अत्यंत रोमांचक एवं प्रेरणादायक रहा।


