शिवपुरी : जीवन में सादगी और धर्म के प्रति समर्पित रहे चौधरी बालचंद्र जैन का निधन, वक्ताओं ने जीवन संस्मरण को किया याद। पिता के पदचिह्नों पर चलकर पुत्रों ने धर्म, समाज और समाजसेवा में किए अनुकरणीय कार्य।

Goonjta Bharat
0

 जीवन में सादगी और धर्म के प्रति समर्पित रहे चौधरी बालचंद्र जैन का निधन, वक्ताओं ने जीवन संस्मरण को किया याद।

पिता के पदचिह्नों पर चलकर पुत्रों ने धर्म, समाज और समाजसेवा में किए अनुकरणीय कार्य।

शिवपुरी- भगवान महावीर के सिद्धांतों और जैन पद्वतियों के अनुरूप सादगी और धर्म के प्रति समर्पित रहकर जीवन जीने वाले समाजसेवी चौधरी बालचन्द्र जैन (देदखुर वाले)का गत दिवस निधन हो गया। उनके निधन उपरांत स्थानीय जैसवाल जैन धर्मशाला प्रांगण में आयोजित उठावनी शोकसभा में वक्ताओं ने स्व.बालचन्द्र जैन के जीवन संस्मरण को याद किया और बताया कि किस प्रकार से स्व.बालचन्द्र जैन ने जैन सिद्धांतों के अनुरूप अपना जीवन जीया और आज भी उनके पदचिह्नों पर उनके पुत्रगण चल रहे है जिन्होंने भी इस परिवार का नाम धर्म, समाज और समाजसेवा में अनुकरणीय कार्य करते हुए स्व.बालचन्द्र जैन (देदखुर वाले) के नाम को अमर कर दिया है। इनमें संंघ की विचारधार से ओतप्रोत होकर नगर संघ चालक जैसा महत्वपूर्ण दायित्व संभालने वाले समाजसेवी विमल जैन जिन्होंने भी धर्म-कर्म और समाज के साथ-साथ सर्व समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है इसके अलावा राजनीतिक रूप से भी इस परिवार की भागीदारी रही जिसमें भारतीय जनता पार्टी में नगर उपाध्यक्ष के रूप में पौत्र माणिक जैन जनप्रतिनिधि के रूप में जनसेवा के कार्यों में लगे हुए है। इस शोकसभा में समाजसेवी रामदयाल जैन, पूर्व नपाध्यक्ष गणेशी लाल जैन, जी.एल.जैन, पवन जैन ग्वालियर, पवन जैन मुरैना, चन्द्रसेन जैन, अशोक जैन रन्नौद, कैलाशचंद जैन, महावीर जैन करैरा, नेमीचंद जैन, पवन जैन (पीएस) एवं महेशचंद जैन आदि सहित अन्य वक्ताओं ने अपने शब्दों और वक्तव्यों के माध्यम स्व. बालचन्द्र जैन के जीवन का स्मरण किया और उनके व्यक्तित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, नगरवासी, समाजजन, नगर के व्यापारी, जनप्रतिनिधि एवं परिजन महिला-पुरूष मौजूद रहे। शोकसभा का संचालन संजीव जैन बांझल के द्वारा किया गया। 

इस अवसर पर शोकाकुल परिजनों प्रकाशचंद जैन, रघुवीर प्रसाद जैन (भाई), सुरेश कुमार, महेश कुमार, विमल कुमार, रविन्द्र कुमार जैन (पुत्रगण), कैलाशचन्द्र, महेन्द्र कुमार, देवेन्द्र कुमार, निर्मल कुमार, अविनेश कुमार, मनोज कुमार, दीपक कुमार, प्रमोद कुमार, विक्की जैन (भतीजे), माणिक जैन, हर्षित, नितेश, शुभम, सुबोध, कार्तिक, राहुल, ऋतिक, कपिल, दिव्यांश, रोहित, एश्री, अर्चित, टीनू, भव्य, मोक्ष, आर्यन जैन (नाती), वीर जैन पंती एवं समस्त देदखुर वाले परिवार को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करते हुए ढांढस बंधाया।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)