सड़क सुरक्षा ही जीवन सुरक्षा: अशोक होटल पिछोर तिराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों का जागरूकता अभियान। एनएचएआई की पहल से यात्रियों को मिला जीवन रक्षक संदेश, नियमों का पालन करने की दिलाई शपथ।

Goonjta Bharat
0

 


सड़क सुरक्षा ही जीवन सुरक्षा: अशोक होटल पिछोर तिराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों का जागरूकता अभियान।

एनएचएआई की पहल से यात्रियों को मिला जीवन रक्षक संदेश, नियमों का पालन करने की दिलाई शपथ।

जिला शिवपुरी के अंतर्गत दिनारा क्षेत्र के अशोक होटल पिछोर तिराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक नागरिक को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और दुर्घटनाओं को रोकना रहा।अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर, साइकिल सवार, पैदल यात्री सहित सभी प्रकार के यात्रियों को रोककर उन्हें “सड़क सुरक्षा – जीवन सुरक्षा” का संदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए नियमों का पालन ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है।इस अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग के पेट्रोलिंग अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह, भवानी सिंह, वाहन चालक लखन महाराज, संतराम सहित गौ सेवक कल्लू महाराज भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने यात्रियों को पोस्टर और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि पैदल यात्री केवल हरी बत्ती होने पर ही सड़क पार करें। सड़क पार करने के लिए निर्धारित जेब्रा क्रॉसिंग और सब-वे का ही उपयोग करें। वाहन चालकों को निर्देश दिए गए कि वे जेब्रा क्रॉसिंग से पहले वाहन रोकें और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दें। दो पहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा तेज गति से वाहन न चलाने की सलाह दी गई।आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि को तुरंत रास्ता देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल फोन का उपयोग वाहन चलाते समय या सड़क पार करते समय न करें, क्योंकि यह दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। रात के समय वाहन चलाते हुए लो बीम लाइट का प्रयोग करें और आवश्यकता पड़ने पर वाहन को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर ही फोन पर बात करें।



अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से कहा कि “कभी भी जल्दी न करें, क्योंकि जल्दबाजी ही दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनती है। समय पर पहुंचने से ज्यादा जरूरी सुरक्षित पहुंचना है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने व्यवहार में सुधार लाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं बल्कि जीवन की रक्षा का माध्यम है। अभियान के दौरान सभी यात्रियों से अपील की गई कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।इस जागरूकता अभियान की स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की गई और लोगों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। अभियान से स्पष्ट संदेश गया कि “सड़क सुरक्षा अपनाएंगे, तो जीवन सुरक्षित रहेगा।”

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)